जब बचपन मे दोसत के साथ की हुई मस्तियाँ याद आती है
क्योंकि हमारी दोस्ती की क़ैद में जमानत नहीं होती
ये वो रिश्ते हैं जो वक़्त से नहीं दिल से बनते हैं।
दोस्त वो है जो हमारी सारी प्रॉब्लम्स सुनेगा,
वरना इस दुनिया में हर रिश्ता आजकल मतलब से जुड़ा होता है।
दोस्ती का असली मजा तो तभी आता है, जब तू मुझे छोड़ कर नहीं जाता है!
“तेरे संग हर पल सुंदर, तेरी यारी सबसे अलग।”
दिल से दिल मिलते हैं, बस यहीं दोस्ती होती।
दोस्ती वो रिश्ता है जो ख़ून की नहीं, दिल Dosti Shayari की रगों से जुड़ता है। यहाँ पाएँगे दोस्ती शायरी का ऐसा ख़ज़ाना जो बचपन की शरारतों से लेकर जवानी की ठिठोली तक हर लम्हे को लफ़्ज़ों में बाँध दे। हर शे’र में होगा अपनापन, वफ़ादारी और उन यादों की मिठास जो ताउम्र दिल को गर्म रखती हैं।
कभी तुझे तंग करके, कभी तुझसे मजाक उड़ाकर,
ये तो वो एहसास है जो हर रिश्ता निभा जाता है।
दोस्त वही है जो हर सांचे से बाहर निकले।
कभी तुझे चिढ़ा कर, कभी तुझसे शरारत कर, हम मस्त रहते हैं!
तेरी दोस्ती ही तो है जो मेरी दुनिया पूरी सी लगती है।